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क्या सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लेना जरुरी है?

अगर आप भी किशोरावस्था में कदम रख रहे हैं, तब आपने HPV वैक्सीन के बारे में जरुर सुना होगा, जिसे सामानयतः किशोरावस्था की उम्र में पहुंचने पर लगवाया जाता है। HPV वैक्सीन एक ऐसी वैक्सीन है, जो आपका सर्वाइकल कैंसर से बचाव करती है लेकिन इसे तब ही लगवाया जा सकता है, जब आप किशोरावस्था में प्रवेश कर चुके हो या उसके बाद।  तो, क्यों जरुरी है वैक्सीन लेना? उफ़ यह उलझन में आज जानते हैं, इसके पीछे की वजह। 

सर्वाइकल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है, जो सर्विक्स (cervix) की कोशिकाओं में होता है। सर्विक्स का निचला हिस्सा जो योनि/वैजाइना से जुड़ता है। यह मानव पेपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है। यह आमतौर पर यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। 

इससे पहले की हम और आगे बढ़ें, HPV पर यह वीडियो ज़रूर देखो!

HPV और सर्वाइकल कैंसर 

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक ऐसा वायरस है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है यानी कि सेक्स करने के दौरान त्वचा से त्वचा के संपर्क में आने पर, ओरल या पेनेट्रेटिव सेक्स करने के दौरान भी यह फैल सकता है। 

HPV के अनेक प्रकार हैं, जिसमें से अधिकांश सर्वाइकल कैंसर नहीं फैलाते। यूटरस का सबसे निचले हिस्से को सर्वाइकल कहा जाता है, जो योनि/वैजाइना से यूटरस को जोड़ता है। वहीं सर्वाइकल कैंसर में इसकी कोशिकाओं (सेल्स) में संक्रमण हो जाता है। अधिकांश ये HPV वायरस के कारण होता है और ये असुरक्षित यौन संबंध बनाने के कारण फैलता है। साथ ही जिन्हें यौन रोग हो, जैसे सूजाक (gonorrhoea), उपदंश (syphilis), क्लैमाइडिया या एचआईवी/एड्स मरीजों में जल्दी फैलता है।

HPV कैसे होता है? 

असुरक्षित यौन संबंध बनाने से HPV होने का खतरा होता है। इसमें ओरल सेक्स, वैजिनल सेक्स, एनल सेक्स या संक्रमित व्यक्ति के साथ संबंध बनाने से भी फैलता है। साथ ही किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ संबंध बनाने के सालों बाद भी इसका संक्रमण हो सकता है।

लड़कों को भी हो सकता है संक्रमण 

HPV महिला या पुरुष किसी को भी संक्रमित कर सकता है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर और पुरुषों में जेनिटल वॉट्स का खतरा ज्यादा होता है। हालांकि जेनिटल वॉट्स होने का खतरा सर्वाइकल कैंसर के मुकाबले थोड़ा कम होता है।

लड़कों को सर्वाइकल कैंसर नहीं होता लेकिन उन्हें पेनाइल कैंसर, मलद्वार, मुंह या गले का कैंसर हो सकता है।

क्या हैं इसके लक्षण?

  • शुरुआत चरण में इसका पता नहीं चलता। 
  • केवल एडवांस चरण में महिलाओं को सेक्स के समय या सेक्स के बाद दर्द या ब्लीडिंग होती है। 
  • योनि से बदबूदार स्राव होना।
  • पीरियड्स के दौरान बहुत खून आना। 
  • सेक्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
  • भूख कम लगना।
  • पीठ या कमर दर्द होना। 
  • पैरों का फुल जाना।

कैसे जांचे HPV को?

HPV के बारे में कोई विशेषज्ञ या महिला डॉक्टर सही सलाह दे सकती हैं। Papanicolaou test (Pap test) द्वारा HPV के बारे में पता लगाया जा सकता है। अगर जांच का रिज़ल्ट नेगेटिव हो, तब घबराने की बात नहीं होती है।

बचाव के तरीके

  • सही समय पर HPV वैक्सीन लेना। 
  • पैप (Pap) टेस्ट : उम्र के 21 साल में प्रवेश करते ही HPV वैक्सीन नियमित अंतराल पर लेना।
  • सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करना।
  • सिगरेट पीने की आदत छोड़ देना।

सर्वाइकल कैंसर और HPV वैक्सीन

HPV वैक्सीन द्वारा सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। 9-26 आयु की लड़कियों को यह वैक्सीन दी जा सकती है,‌ जिन्होंने अब तक सेक्स नहीं किया हो। इस वैक्सीन द्वारा HPV के संक्रमण को ठीक नहीं किया जा सकता है। वैक्सीन केवल बचाओ का एक तरीका है।

लड़कों में HPV वैक्सीन द्वारा जेनिटल वॉट्स, पेनाइल कैंसर, एनल कैंसर के संक्रमण को रोका जा सकता है। यह वैक्सीन अगले 10 सालों तक सुरक्षा कवच का काम करती है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि बचाव और लंबे समय तक हो सकता है।

इस वैक्सीन को सेक्सुअली एक्टिव लोग भी लगवा सकते हैं। साथ ही जिन्होंने अब तक सेक्स नहीं किया है, वह भी अपने पहले सेक्स से पहले इस वैक्सीन को लगवा सकते हैं।

क्या इससे 100 प्रतिशत बचाव मुमकिन है?

यह वैक्सीन HPV के विभिन्न प्रकारों के संक्रमण को नहीं रोकता है लेकिन सर्वाइकल कैंसर के बचाव में यह कारगर है इसलिए 25 वर्ष की आयु में प्रवेश करते हैं अपने सर्वाइकल की जांच करवाते रहना चाहिए। 

फोटो: Shutterstock/ krakenimages.com/फोटो में व्यक्ति मॉडल्स हैं और नाम बदल दिए गए हैं। 

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