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किशोर गाइड
यौवनारंभ

किशोरावस्था – ये वो समय हैं

यौवन या किशोरवस्था एक ऐसा समय है जब हमारे अंदर शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन होने लगते हैं। ये परिवर्तन हमें बचपन से व्यस्क्ता की ओर ले जाते हैं। आइए इन्हे ठीक से समझे।

यह सब क्या हो रहा है?

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ

    तुम्हें पता है, पिछले कुछ दिनों में, जब भी मैं रिया को देखता हूं, मुझे बहुत अच्छा लगता है और मेरे पेट में जैसे गुदगुदी सी होने लगती है।आखिरकार मैंने मीरा दीदी से इसके बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि इस उम्र में किसी पर ‘क्रश होना’ बहुत स्वाभाविक है। क्रश! कितना अजीब नाम है लेकिन जो भी है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

    मीरा दीदी ने कहा कि हमारे जीवन के इस चरण को किशोरावस्था कहते हैं, जहाँ हम अपने शरीर में और अपने आप में बाहर सारे बदलाव देखते और महसूस करते हैं।

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ

    सच में? पता है कल अम्मी ने भी मुझसे इस बारे में बात करी। उन्होंने भी ‘किशोरावस्था’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह भी बताया कि अभी हम और भी शारीरिक बदलाव देखेंगे जैसे की – शरीर के बालों का आना, मुहासें, पसीने की बदबू आदि।लेकिन जीवन के इस चरण में कुछ रोमांचक चीजें भी महसूस होंगी – जैसे नयी भावनाएं और किसी की तरफ आकर्षण या अट्रैक्शन महसूस होना। जैसा मुझे आजकल रोहन के साथ लगता हैं!

किशोरावस्था

  • किशोरावस्था वो समय है जब आपका बच्चे से बड़े बनने वाला सफ़र शुरू होता है और इस समय शरीर में शारीरिक और भावनात्मक बदलाव आते हैं।
  • यह एक ऐसा समय है जब आपकी गिनती न तो बच्चों में होती है, न बड़ों में – आप इन दोनों के कहीं बीच में होते हो।
  • ये परिवर्तन आमतौर पर आठ और सोलह वर्ष की उम्र के बीच दिखाई देने लगते हैं।
  • ये परिवर्तन आपके शरीर के आकार और संरचना के साथ-साथ आपके आंतरिक अंगों में भी होते हैं।
  • इन परिवर्तनों को स्वीकार करना ज़रूरी है और वो भी स्वस्थ और खुशहाल तरीकों को अपनाकर।

यह सब हार्मोन हैं, मेरे दोस्त!

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ

    हैलो, मैं हूँ नीता! तो मुझे आज चारु की ईमेल आयी। वह हॉस्टल में इतनी बोर हो गयी है कि एक हफ्ते में तीन बार ईमेल भेज रही है! और कमाल की बात यह है की वो कितना कुछ लिख रही है!वह भी अपने शरीर में बदलाव देख रही है। लिखती हैं, ‘मेरे शरीर में लगभग हर जगह बाल उगने लगे हैं! बाल उन जगहों पर भी आ रहे हैं जहाँ मैंने कभी सोचा भी नहीं। मैं थोड़ी लम्बी भी हो गयी हूं। लंबा होना तो अच्छा लग रहा है लेकिन ये बाल नहीं!

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ
    क्या मैंने तुम्हे बताया कि कल रोहन का हाथ गलती से मेरे हाथों को छू गया। पता नहीं क्यों लेकिन मैं पूरी रात सो नहीं सकी! मैं सोचती रही कि अगर उसे गले लगाने में कैसा महसूस होगा? उफ्फ… .मैं उससे फिर कैसे बात करुँगी? क्या ऐसा सोचना शर्मनाक है? आखिर यह सब चल क्या रहा है! क्या इसकी वजह वही हार्मोन हैं जिनके बारे में कल अम्मी मुझसे बात कर रही थी?

हार्मोन काम पर

  • किशोरावस्था के दौरान हमारे शरीर में होने वाले बदलाव (परिवर्तन) हार्मोन के कारण होते हैं।
  • हार्मोन हमारे शरीर द्वारा उत्पादित रसायन हैं जो हमारे शरीर में कई कार्यों में काम आते हैं।
  • हार्मोन के कारण शरीर में कई बदलाव होते हैं – जैसे कि शरीर पर बालों का उगना और आवाज़ में बदलाव।
  • किशोरावस्था के दौरान शरीर में बनने वाले ये विशेष हार्मोन शरीर को सेक्स और प्रजनन के लिए तैयार करते हैं।
  • महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन बनते है। एस्ट्रोजन महिलाओं के अंडाशय में अंडे विकसित करने में मदद करता है।
  • महिलाओं में पीरियड्स और प्रजनन क्षमता इन अंडों की वजह से ही होती है।
  • पुरुषों के टेस्टिकल्स या अंडकोष में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन का उत्पादन होता है, जिससे शुक्राणु (स्पर्म) बनते हैं।
  • शुक्राणु पुरुषों में प्रजनन श्रमता के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • हम कैसा महसूस करते हैं या किसी के प्रति कितने आकर्षित हो रहे हैं इन सब के पीछे भी ये हार्मोन जिम्मेदार होते हैं।

फिर एक दिन बस यूँही

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ

    तुमको पता है कल क्या हुआ! मैं अपनी बहन की जन्मदिन की पार्टी में थी और अचानक मुझे अपनी ड्रेस पर एक बड़ा लाल धब्बा नज़र आया। पहले मैंने सोचा कि शायद मैं केचप पर बैठ गयी।

    लेकिन तभी मुझे अचानक ख्याल आया – कही यह मेरा पहला पीरियड तो नहीं। पहले तो मैं थोड़ा घबरा गयी। लेकिन अब मुझे ठीक लग रहा है। मेरी मम्मी ने मुझे पीरियड के बारे में भी बताया था और पेड पहनना भी सिखाया था अभी हाल ही में सिखाया था। ये सब नया है लेकिन मैं धीरे-धीरे सीख रही हूँ। आख़िरकार किशोरावस्था आ ही गयी! बाई दि वे, मेरा नाम सलोनी हैं!

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भालू या फिर कौवा

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ

    कल रात मेरी जन्मदिन पार्टी मजेदार थी! आरव ने मुझे एक शेवर गिफ्ट दिया। यह मेरे बहुत काम आने वाला है! पिछले महीने से शरीर पर इतने बाल उग रहे हैं, मानो जैसे मैं कोई भालू हूँ!

    आज कल मेरे दिमाग में बस भालू और कौवा का ख्याल आता है! मेरी आवाज़ भी कुछ दिनों से भारी हो गई है! पहले तो मैंने सोचा कि इतने दिनों से यह सिर्फ गले में खराश की वजह से हो रहा है – लेकिन अब पता चला कि यह तो किशोरावस्था का कमाल है!

किशोर गाइड  यौवनारंभ

ये सब मेरे लिए नहीं!

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ
    हैलो, मैं हूँ ज़ोया! मैं इस बारे में अनिश्चित सा महसूस कर रही हूँ। मेरा मतलब है कि मैं लड़की या लड़के की तरह महसूस नहीं करती। मुझे मेरे शरीर में कोई बदलाव महसूस नहीं हो रहे हैं । और मुझे यह भी नहीं पता की मैं यह सब चाहती भी हूँ या नहीं।

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों में किशोरावस्था

  • किशोरावस्था में होने वाले बदलाव उन सभी के लिए काफी मुश्किल हो सकता है जो की जन्म के दौरान उन्हें दिए गए लिंग से स्वीकृति नहीं रखते क्यूंकि वह वैसा महसूस नहीं करते (इन्हें ट्रांसजेंडर कहते है)।
  • उदाहरण के लिए, ट्रांसवुमन के लिए (वे लड़कियाँ जिनका जन्म पुरुष लिंग के साथ हुआ था लेकिन वह लड़कियों जैसा महसूस करते हैं) दाढ़ी बढ़ने जैसे बदलाव से दिक्कत महसूस कर सकते है।
  • इसी तरह, एक ट्रांसमैन को (वे लड़के जिनका जन्म महिला लिंग के साथ हुआ था लेकिन वह लड़कों जैसा महसूस करते हैं), पीरियड्स आने पर या स्तनों के बढ़ने पर दिक्कत महसूस कर सकते है।
  • आपके लिए किशोरावस्था वो दौर हो सकता है जब आप कुछ अलग महसूस करें और आपका शरीर विपरीत लिंग के हिसाब से विकसित हो रहा हो।
  • यह शायद आपको अच्छा ना लगे और इसी एहसास को जेंडर डिस्फोरिया कहा जाता है। ऐसा महसूस होना पूरी तरह सामान्य है।

यह कोई रेस नहीं है!

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ
    तुम्हे विश्वास नहीं होगा कि आज क्या हुआ। हमारे बास्केटबॉल मैच के बाद अदिति और मैं चेंजिंग रूम में कपड़े बदल रहे थे। मैंने देखा की अदिति ने ब्रा पहन पहनी थी और उसके स्तन (ब्रेस्ट्) बड़े हो गए हैं। और मेरे स्तन तो अभी बढ़ने भी शुरू नहीं हुए! अगर मेरे स्तन (ब्रेस्ट्) कभी नहीं बढ़ेंगे तो क्या होगा? क्या मैं हमेशा बच्चों जैसे ही रहने वाली हूँ?

किशोरावस्था – सभी के लिए अलग

  • हम सब एक दूसरे से अलग हैं, इसलिए हमारी किशोरावस्था का अनुभव भी एक जैसा नहीं हो सकता
  • किशोरावस्था हर किसी के लिए अलग समय पर आती है।
  • इन बदलावों के होने का कोई ‘सही समय’ नहीं है।
  • किसी में किशोरावस्था के लक्षण जल्दी दिखते है तो किसी में देर से। यह बिल्कुल सामान्य है।
  • इसलिए अगर आपमें ये बदलाव हो रहे हैं या नहीं हो रहे हैं तो उसे लेकर परेशान ना हों।

मैं हूँ ना

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ

    हेेलो, मैं हूँ जय। तो…कल रात कुछ अजीब हुआ। मैं अपने मोबाइल फोन पर एक गेम खेल रहा था और अचानक मुझे महसूस हुआ कि मैं अपने लिंग को छू रहा हूँ। यह थोड़ा अजीब था। अजीब इसलिए क्योंकि मुझे यह करना अच्छा लग रहा था। क्या यह अजीब है? अगर ऐसा फिर से होगा तो मैं क्या करूँ ? काश मैं इस बारे में किसी से बात कर पाता।.

सपोर्ट नेटवर्क बनाएं

  • किशोरावस्था में कई बदलाव आ सकते हैं।
  • कुछ रोमांचक और अच्छे हो सकते हैं वहीं कुछ कठिन और चुनौती पूर्ण।
  • लेकिन यह याद रखिये की आपको अकेले किशोरावस्था से नहीं गुजरना है। यह सफर आसान और ‘स्ट्रेस फ्री’ तब हो सकता है अगर आप सकारात्मक सोच रखें।
  • अपने लिए ऐसा सपोर्ट नेटवर्क (भरोसेमंद लोगों का ग्रुप) बनाये जिसमे वो लोग हो जिनपर आप भरोसा करते हैं।
  • सपोर्ट नेटवर्क ऐसे लोगों का समूह होता है जो आपकी परवाह करते हैं और जो आपको सही सलाह देने की श्रमता रखते हैं, जैसे कि आपके माता-पिता, शिक्षक, बड़े भाई, बहन या दादा-दादी या नाना-नानी, दोस्त आदि।
  • भरोसेमंद अभिभावक आपकी पूरी बात सुनेंगे, समझेंगे, आपको सही जानकारी देंगे, और वह आपको बता सकते हैं कि आपको क्या करना हैI
  • साथ ही वे अपने निजी अनुभव भी आपके साथ शेयर कर सकते हैं।
  • ये वे लोग होने चाहिए जिनसे आप तब बात कर सके जब उलझन में हों , दुखी हों या जब आपको किसी सलाह की ज़रूरत हो।

अब मुझे पता है

  • किशोर गाइड  यौवनारंभ
    अब मुझे पता है कि मैं रिया के सामने बहुत खुश और साथ ही नर्वस क्यों हो जाता हूं। यह सब भावनाएं (फीलिंग्स) अब मुझे समझ आने लगी हैं। आखिर यह सब काम तो हार्मोन का है! अब जब की मुझे पता है कि यह सब क्यों हो रहा है तो मुझे अच्छा महसूस हो रहा है! पेट में गुदगुदी भी अब कम हो रही है!
  • किशोर गाइड  यौवनारंभ
    अब मैं उन बदलावों के बारे में जानती हूँ जो हमारे शरीर में होने जा रहे हैं। मैं इन सब के लिए तैयार हूँ। और जब लगे की कोई उलझन यही या सवाल है तो हमें अकेले महसूस नहीं करना चाहिए। इसकी बजाय हमें किसी भरोसेमंद अभिभावक से बात करनी चाहिए।

किशोरावस्था – हर एक बात

  • किशोरावस्था की शुरुआत आठ और सोलह वर्ष की उम्र के बीच होती है।
  • इस दौरान शारीरिक और भावनात्मक बदलाव होते हैं।
  • लड़कों और लड़कियों में होने वाले कुछ शारीरिक बदलाव अलग-अलग होते हैं।
  • इन सबसे कभी-कभी आप बहुत परेशान हो जाएंगे और खुद से यह सवाल करेंगे की आप कौन है और ऐसा क्यों महसूस कर रहे हैं।
  • ऐसा महसूस करना सामान्य है इसलिए परेशान ना हों। हर कोई किशोरावस्था से गुजरता है।
  • यह अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग समय पर आती है।
  • किशोरावस्था के दौरान हमारे शरीर में सभी परिवर्तन हार्मोन के कारण होते हैं।
  • किशोरावस्था के दौरान हमारा शरीर विशेष हार्मोन का निर्माण करना शुरू कर देता है जो शरीर को सेक्स और प्रजनन के लिए तैयार करते हैं।
  • सलाह और जानकारी के लिए हम अपने ‘सपोर्ट नेटवर्क’ से खुल कर बात करनी चाहिए।
  • शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव को लेकर शर्मिंदगी महसूस ना करें। आखिरकार, आप बड़े हो रहे हैं!
  • सबसे महत्वपूर्ण बात, बड़े होने की यात्रा मजेदार और विशेष हो जाती है जब हम इन बदलावों को स्वीकार करते हैं और उन के साथ जीना सीख लेते हैं।
  • इस यात्रा को सुखद बनाए के लिए सही जानकारी लीजिये, अपने मन की बात हमसे कहिये और इस यात्रा का सुरक्षा के साथ आनंद लीजिये!

2 comments

  1. MUJHE BHI ISKE BARE MAI SAHI KNOWLEDGE NAHI THI MAINE BHI KABHI ITNI SAHI JANKARI PAHLE PRAPT NAHI KI THI.TRANSGENDER KAI BARE MAI MUJHE KOI JANKARI NAHI THI.MAI HAMESHA TANAV MAI RAHTA THA .KI MAIRA LING GIRLS KO DEKHKAR KHADA KYU HONE LAGTA HAI? KABHI KABHI MAI SOCHNE LAGTA KI MAI APNE LING KO HI KAT KAR FEK DU.MAI VAUT PARESHAN HOTA THA KI LING KYU KHADA HO JATA HAI .AB MUJHE ISKI SAHI JANKARI MILI HAI .AB MAI YH BAT SAMAJH PAYA HU.

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