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डिप्रेशन, एंग्जायटी या फिर खराब मूड?

अक्सर हम इन सब शब्दों का इस्तेमाल बिना सोचे समझे और अदला बदली के साथ करते है। पर इनमें वाकई में फर्क क्या है? और कब हमें मदद मांगनी चाहिए? और किससे? आईये जानते हैं इस बार के जिज्ञासा स्टेशन में।

depression

ख़राब मूड आखिर होता क्या है? 

मूड का मतलब हैं कि हम किसी एक समय में कैसा फील कर रहे है। अगर हम खुश महसूस कर रहे हैं, तो हम अच्छे मूड में हैं और अगर उदास, गुस्सा या चिड़चिड़ाहट महसूस कर रहे हैं, तो हमारा मूड ख़राब कहा जा सकता है। समय समय पर ख़राब मूड होना नार्मल है। अक्सर ख़राब मूड कुछ परिस्तिथियों के कारण होता है, जैसे कि किसी दोस्त से लड़ाई, कोई मुश्किल परीक्षा या फिर रोज़ाना के रुटीन में कुछ बदलाव। कभी कभी हम थका हुआ, निराश या फिर कॉन्फिडेंस की कमी महसूस करते है जो कि हमारा मूड ख़राब कर सकते है।   

ख़राब मूड अकसर कुछ घंटो या कुछ दिनों में ठीक हो जाता है आप अपने मूड को ठीक करने के लिए बहुत सी चीज़ें कर सकते हैं

  • कुछ ऐसा करिये जो आप करना पसंद करते है (जैसे चित्रकारी या डांस)  
  • किसी से बात करिये 
  • अच्छी नींद लीजिये 
  • अपना मनपसंद म्यूजिक चलाइये 
  • कोई बाहरी एक्टिविटी (जैसे साइकिल चलाना या बैडमिंटन खेलना) 
  • मन में आ रहे नेगेटिव ख्यालों को टोकना (क्या जो मैं सोच रही हूँ वो सच है?)

इसके अलावा, नीचे डिप्रेशन और चिंता पर यह जानकारीपूर्ण वीडियो देखें: (वीडियो के नीचे लेख)


डिप्रेशन क्या होता है?

जब हमारी उदासी लम्बे समय तक चलें और ये हमारी दिनचर्या को प्रभावित करने लगें, तो इसे डिप्रेशन कहा जा सकता है। डिप्रेशन के कई ऐसे संकेत है जो खराब मूड और डिप्रेशन में भेद करने में हमें मदद करते है।

  • जो काम आपको अच्छा लगते थे उनको करने की इच्छा खोना 
  • हर वक़्त उदासी या चिंता महसूस करना 
  • सोने में मुश्किल होना 
  • अच्छी नींद के बावजूद थकावट महसूस होना 
  • बेबस, बेकार या गलत होने का एहसास  

डिप्रेशन बहुत से कारणों से हो सकता है।  

  • परिवार में किसी को डिप्रेशन की शिकायत 
  • ज़िन्दगी में कोई बड़ी बुरी घटना (जैसे कि परिवार में बीमारी या मौत) 
  • किसी मुश्किल स्तिथि को बहुत लम्बे समय तक झेलना (जैसे बुलीइंग या कोई और तरह का उत्पीड़न)

डिप्रेशन बहुत आम है और किसी एक्सपर्ट के मदद से ठीक किया जा सकता है। सबसे ज़रूरी हैं कि खुद ही इस स्तिथि का निदान या इलाज ना करें। किसी मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर या एक्सपर्ट से बात करिये जो ये जाचेंगे कि आपको डिप्रेशन क्यों हो रहा है और फिर उस के कारणों पर कार्य करेंगे। किशोरों को इस बारें में सबसे पहले किसी बड़े से बात करनी चाहिए, जैसे कि आपके माता पिता, स्कूल काउंसलर या किसी अन्य विश्वसनीय व्यस्क से, जो फिर आपको किसी डॉक्टर, काउंसलर या एक्सपर्ट से मदद दिलाएंगे।     

एंग्जायटी क्या होती है? 

एंग्जायटी घबराहट और चिंता भरी भावनाएं होती है जो हमें आने वाली घटनाओं को लेकर हमारे मन में आती है। एंग्जायटी तनाव के प्रति हमारे शरीर का नार्मल रिस्पांस है। उदहारण के तौर पर हमें परीक्षा वाले दिन या किसी बड़े प्रेजेंटेशन वाले दिन एंग्जायटी महसूस हो सकती है।

एंग्जायटी भी बहुत से कारणों की वजह से हो सकती है:

  • बहुत से लोगों के सामने किसी स्तिथि को झेलना (जैसे कि कोई भाषण देना, जिसे सोशल एंग्जायटी कहते है) 
  • आने वाला समय में बुरा होने की चिंता होना (साधारण एंग्जायटी)
  • अपने प्रियजनों से अलग होने की चिंता हो (बिछड़ने की एंग्जायटी)

कुछ एंग्जायटी होना हमारे लिए अच्छा होता है क्यूंकि वह हमें मुश्किल परिस्तिथियों से निपटने में मदद करती है। इस बोलते हैं स्वस्थ एंग्जायटी। ऐसे एंग्जायटी स्तिथि के गुज़र जाने के जाने के बाद ख़त्म या कम हो जाती है। मगर आप की चिंता अगर फिर भी ज़ारी रहती है तो उसे अस्वस्थ एंग्जायटी कहा जायेगा।

आपको किस कारण एंग्जायटी हो रही है, इस बारें में आपको अपने पेरेंट्स या किसी या किसी अन्य विश्वसनीय बड़े से बात करनी चाहिए और उनकी मदद लेनी चाहिए। मान लीजिये आपको अपने अति व्यस्त दिनचर्या की वजह से  घबराहट हो रही है तो आप उनसे बात करें ताकि वो आपकी कुछ एक्टिविटीज़ कम करने या समय को बेहतर मैनेज करने में आपकी मदद कर सकें। पौष्टिक खाना, कुछ फिजिकल एक्टिविटी, अच्छी नींद, सेट दिनचर्या का पालन और दोस्तों और परिवार वालों से बातचीत करना भी एंग्जायटी कम करने में मदद करते हैं। 

मगर यदि आपकी भावनाएं लम्बे समय से चली आ रही हैं और आपको दिनचर्या पर बुरा प्रभाव डाल रही हैं तो ये एंग्जायटी डिसऑर्डर नामक कंडीशन हो सकती है। ऐसे में अपने पेरेंट्स या अभिभावक से बात करें जो आपको इन फीलिंग्स को बेहतर मैनेज करने के लिए किसी सायकोलॉजिस्ट या काउंसलर की मदद दिला सकते है।

इस लेख के लिए जानकारी cdc.gov और nhs.uk से प्राप्त की गई है। यदि आपको लगता है कि आप डिप्रेशन के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो किसी विश्वसनीय वयस्क से संपर्क करें। इसके निदान या उपचार के लिए Google का उपयोग न करें।

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