'मुझे अपनी बहन से नफरत है'

By: Umeza Peera

रिद्धि (15) को अक्सर बहुत गुस्सा आता क्योंकि उसकी तुलना हमेशा उसकी बहन लावण्या (18) से की जाती है, जो पढ़ाई में बहुत अच्छी है! नतीजा : रिद्धि लावण्या से लगभग नफरत करने लगी है। क्या वह ऐसा करने में सही थी? और क्या दोनों बहनों के बीच की यह दीवार टूटेगी? आइए जानने के लिए उनकी कहानी पढ़ें।

‘हमे नाज़ है’ 

सुबह सभी लोग नाश्ते की मेज पर थे तभी लावण्या ने एक बड़ा ऐलान किया। उसे कॉलेज के लिए एक बहुत अच्छी स्कॉलरशिप मिल गई थी।

"लावन्या, क्या बात है! हमे तुम पर गर्व है, बेटा", उसकी माँ ने उसे गले लगाते हुए कहा, "मुझे तो पता ही था"।

"ये हुई ना बात!", उसके पापा ने गर्व से कहा।

"थैंक यू! माँ, पापा", लावण्या मुस्कुराई। वह स्कूल टॉपर थी और अब उसे एक बहुत ही प्रतिष्ठित कॉलेज के लिए पूरी स्कॉलरशिप मिली थी।

"रिधि, क्या तुम अपनी बहन को बधाई नहीं देना चाहती?" लावण्या की माँ ने पूछा।

"अरे हाँ, मैं इस हैप्पी ड्रामा के खत्म होने का इंतज़ार कर रही थी। बधाई दीदी”, लावण्या ने व्यंग्यात्मक ढंग से जवाब दिया।

यह पहली बार नहीं था जब सभी ने लावण्या, उसकी बड़ी और बुद्धिमान बहन की तारीफ कर रहे थे। पर इस वजह से रिद्धि, जो पढ़ाई में बहुत ज़्यादा अच्छी नहीं थी, के मन में अपनी बहन को लेकर थोड़ी नफरत पैदा होने लगी थी।

लावण्या की माँ ने उसे डाँटा,"ये क्या तरीका है रिद्धि? मुझे तुमसे इस व्यवहार की उम्मीद नहीं है"।

"हाँ बेटा, वह तुमसे बड़ी है। तुम्हे उसके लिए खुश होना चाहिए", लावण्या के पिता ने उसे डांटा।

"आप लोग बस उसके लिए खुश होते हैं, मेरे लिए नहीं!", रिद्धि उदास हो गई और उसकी आँखों से आँसू छलक पड़े।

"यह सच नहीं है, री", लावण्या ने उसे सांत्वना देने की कोशिश की। उसने उसकी पीठ भी थपथपाई लेकिन रिद्धि ने उसका हाथ दूर कर लिया।

"हाँ हाँ आप क्यों मानेंगे? हैना? कोई नहीं, दीदी”, रिधि ने जवाब दिया और स्कूल के लिए निकल गई।

लावण्या सच में परेशान थी। वह जानना चाहती थी कि रिद्धि को क्या परेशान कर रहा है।

‘मैं जैसे कुछ नही हूँ’

स्कूल से वापस आने के बाद लावण्या ने रिद्धि को जल्दी से कपड़े बदलने को कहा।

"हम कहाँ जा रहे हैं? तुम्हारी सफलता की ख़ुशी मनाने?" रिद्धि ने व्यंग्य से पूछा।

"नहीं। ऐसा कुछ भी नहीं है! हम बस बर्गर और तुम्हारा पसंदीदा मिल्कशेक लेने जा रहे हैं; और चिंता मत करो, ये मेरी तरफ से होगा", लावण्या मुस्कुराई।

"इतना प्यार क्यों?" रिद्धि ने आँखें मूँद कर पूछा।

"क्योंकि आई लव यू रिद्धी", लावण्या ने रिद्धि की आँखों में देखते हुए जवाब दिया लेकिन रिद्धि दूसरी तरफ देखने लगी।

वह अभी भी सुबह के बारे में परेशान थी। हालाँकि, उसे भूख भी लगी थी और बाहर जाने के बारे में सुनकर उसे बेहतर महसूस हुआ। वे दोनों अपने पास के कैफे में गए लेकिन उनके बीच एक अजीब सी खामोशी थी। शुक्र है कि वेटर ऑर्डर लेने आ गया।

दोनों के ऑर्डर देने के बाद लावण्या ने बातचीत शुरू की।

"रिधि, तुम ऐसा क्यों कर रही हो? तुम मुझसे बात क्यों नहीं करती?" लावण्या ने पूछा।

‘क्यों, शिकायत करोगी?’

"क्यों, अब तुम इसके बारे में मम्मी से शिकायत करोगी?" रिद्धि ने पूछा।

"नहीं बाबा, मैं सिर्फ बात करना चाहती हूँ और जानना चाहता हूँ कि तुम्हे क्या परेशान कर रहा है?" लावण्या ने समझाया।

"तुम बहुत अच्छे से जानती हो। क्या यह साफ़ नहीं है? मम्मी और पापा हमेशा तुम्हारी तरफदारी करते हैं जैसे मैं तो कुछ हूँ ही नहीं। मेरी किसी को कद्र नहीं है। मेरे सारे डांस के इनाम आपकी पढ़ाई के सामने कुछ भी नहीं है। वो सिर्फ तुमको ही देखते हैं”, रिद्धि फूट पड़ी।

"नहीं रिज, माँ पापा ऐसा कभी नहीं करते, वे तुमसे उतना ही प्यार करते हैं जितना वे मुझसे प्यार करते हैं। क्या तुम भूल गई हो कि तुम इस घर में सबसे छोटी हो?" लावण्या ने कहा।

तुम बेहतर करो 

"लेकिन वे मुझसे कभी खुश नहीं होते, मै जो भी करती हूँ  उन्हें पसंद नहीं आता और वो सिर्फ मुझे ताने सुनाते हैं। वे मुझे तुम्हारे जैसा बनने के लिए कहते रहते हैं। पर मै ऐसा नहीं कर सकती। सच में मैंने बहुत कोशिश की पर मुझसे यह नहीं हुआ”, रिद्धि ने कहा।

"तुम्हे मेरे जैसा बनने की ज़रूरत नहीं है। मुझे तुम ऐसे ही सबसे अच्छी लगती हो। वो तो बस तुम्हे अच्छा करता हुआ देखना चाहते हैं इसलिए तुम्हे बार बार बोलते हैं", लावण्या ने उत्तर दिया।

"हाँ, लेकिन वे मेरी तुलना तुमसे  करते हैं और वे कभी भी वो नहीं देखते जो मै अच्छा करती हूँ। उन्होंने आज तक मेरा एक भी डांस वीडियो नहीं देखा, वे कहते हैं कि ये सब सिर्फ समय की बर्बादी है”, रिद्धि ने कहा।

"मैं नहीं चाहती कि कोई तुम्हारी तुलना मुझसे करे। तुम ऐसे ही बहुत अच्छी हो। और तुम्हे तो पता है मुझे तुम्हारे डांस वीडियो कितने पसंद हैं", लावण्या मुस्कुराई।

"लेकिन आप पढ़ाई और खेल-कूद में अच्छी हो और मैं नहीं, इसलिए उन्हे लगता है मै बेकार हूँ।", रिद्धि ने कहा।

"मैं उनसे बात करुँगी। उन्हें तुम्हारा डांस बहुत पसंद है और मैंने देखा है कि मम्मी तुम्हारे वीडियो को हमारे फैमिली ग्रुप में फॉरवर्ड करती हैं। और उन्हें बहुत गर्व भी होता है जब सब उसपर कमेंट या लाइक करते हैं", लावण्या मुस्कुराई।

हूँ तो फेलियर ही?

"लेकिन मुझे अच्छे ग्रेड नहीं मिलते हैं, तो रही तो मैं फेलियर ही न?" रिद्धि ने कहा।

"ग्रेड महत्वपूर्ण हैं लेकिन वे सब कुछ नहीं हैं। कोई भी हर चीज़ में परफेक्ट नहीं होता। हम अपने आप में अद्वितीय हैं। अक्सर मेरी भी तुमसे तुलना की जाती है खासकर जब बात आती हैं कपड़ों की, लोगों से बात करने की, मेलजोल की, ड्राइंग या फिर डांस की! हर कोई सब कुछ नहीं कर सकता, मैं भी नहीं, रिद्धि", लावण्या ने समझाया।

अपनी बहन से बात करने के बाद, रिधि बहुत अच्छा और बेहतर महसूस कर रही थी और लावण्या के साथ बुरा बर्ताव करने के लिए भी गिल्टी भी।

"मुझे आपके साथ ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए था। आपसे बात करने की जगह मै आपसे नफरत करती रही”, रिद्धि ने अपनी बहन से माफी मांगी।

"मुझे आशा है कि तुम मुझसे अब और नफरत नहीं करोगी! री, बस एक बात याद रखना। मैं तुमसे सबसे ज्यादा प्यार करती हूँ और मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगी, चाहे कुछ भी हो। और मुझसे नफरत करने के बारे में तो अब सोचना भी मत", लावण्या ने उसे मजाक में चेतावनी दी।

"आई लव यू दीदी। और मुझे आपसे नफरत नहीं है!" रिद्धि शर्मिंदा होकर हंस पड़ी। दोनों हाथ में हाथ डाले चलते हुए घर के लिए निकल पड़े।

फोटो: शटरस्टॉक/MJTB/फोटो में व्यक्ति मॉडल है। नाम बदल दिए गए हैं।  

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