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मेरी डायरी

हम भेदभाव क्यों करते हैं?

ध्रुव (14) अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय टीन हैं। जब सोशल मीडिया पर #BlackLivesMatter आया, तो उसने अनायास ही इससे जुड़ाव महसूस किया। इस आन्दोलन से जुड़े अपने ख्याल ध्रुव ने टीनबुक के साथ शेयर किये।

हम भेदभाव क्यों करते हैं

भारतीयों के बारे में वो चुटकुले

हाल ही में  – जब जॉर्ज फ्लॉयड, एक 46 वर्षीय ब्लैक अमरीकी, जिस पर नकली नोट इस्तेमाल करने का आरोप लगा था, की मृत्यु पुलिस की गिरफ़्त में हो गयी, तो इस घटना से मैं बहुत प्रभावित हुआ।       

जब मैंने पुलिस ऑफिसर डेरेक चौविन का वीडियो देखा जिसमे उन्होंने जॉर्ज फ्लॉयड को अपने घुटने के बल से नीचे दबा रखा था, उसे देख कर मैं अंदर तक हिल गया।

क्यों? क्योंकि मैं भी अमेरिका में रहने वाला भूरी स्किन वाला लड़का हूँ। हालाँकि, यह भेदभाव ब्लैक लोगों के मुकाबले भारतीयों के साथ इतना सामान्य नहीं है, पर फिर भी मौजूद है।

भारतीयों के बारे में अमेरिका में चुटकुले बनाए जाते हैं लेकिन उसे हेट क्राइम की तरह नहीं देखा जाता। लोग हमारा मज़ाक बनाते हैंमसलन हमारे बोलने के ढंग पर पर या कैसे हम से हमेशा मसालों की महक आती हैंऔर इससे बहुत परेशानी भी होती है पर मैं उन्हें इगनोर करना सही समझता हूँ क्योंकि अगर मैं उनपर ध्यान ही ना दूँ तो वो मुझे परेशान नहीं कर सकते।

फ्लॉयड की मृत्यु के तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर #BlackLivesMatter ट्रेंड होने लगा। ब्लैक लाइव्स मैटर कुछ हफ्तों मे ही सोशल मीडिया हैशटैग से आंदोलन में बदल गया। मैंने कई लोगों को उसके सपोर्ट मे स्टोरीज और पोस्ट डालते हुए भी देखा, उन लोगों के लिए मदद मांगने के लिए जो इन हेट क्राइम्स का शिकार होते हैं।

इस सबने मुझे एहसास दिलाया कि हम मनुष्यों  के पास कितनी ताकत होती हैं। इन विरोधों ने मुझे भविष्य मे होने वाली समानता की लड़ाइयों को लेकर उम्मीद दी है।

क्योंकि हम अलग हैं

मुझे अक्सर आश्चर्य होता है कि लोग दूसरों के साथ भेदभाव क्यों करते हैं? सरल उत्तर हैक्योंकि लोग एकदूसरे से अलग हैं।

लेकिन यह इतना सिम्पल नहीं है।

ये मनुष्यों की आदत है। वे खुद को छोटे ग्रुप्स मे बाँट लेते हैं अपने सोशल और इकोनॉमिक स्तिथियों के या सिर्फ अपने स्किन के रंग के हिसाब से। ज़्यादा साधन वाले लोग खुद को बेहतर मानते हैं और इस गैप को और बड़ा करने के लिए पावर का इस्तेमाल करते हैं। नस्लभेद (रेसिस्म) और भेदभाव पूरी दुनिया में इसलिए नहीं फैला है क्योंकि सब लोग अलग है पर इसलिए क्योंकि लोग अन्तरों को स्वीकार नहीं कर पाते।  

सभी का जीवन मायने रखता है

मै ये भी बताना चाहूँगा कि मैं कितना परेशान महसूस करता हूँ जब कुछ लोगब्लैक लाइव्स मैटरसुनकर उसकोऑल लाइव्स मैटरमे बदलना चाहते हैं। इसे इग्नोरेंस या बेख़बरी ही कह सकते हैं। हालाँकि मैं मानता हूँ ऑल लाइव्स मैटर पर इस समय ब्लैक लाइव्स हैं जो पुलिस निर्दयता से सबसे ज़्यादा खतरे में हैं, इसलिए हमे उनके लिए लड़ने की ज़रूरत है।

जब किसी का पालतू जानवर गुज़र जाता है तो हम कहते हैं, “मुझे आपके पालतू जानवर के बारे मे सुनकर बहुत बुरा लगाये तो नहीं कहते न कीमुझे सारे पालतू जानवरों के लिए बुरा लगासभी जीवन मायने रखते हैं लेकिन यह आंदोलन उन अफ्रीकीअमेरिकियों के लिए है जो पुलिस की क्रूरता का सामना करते हैं।

हम समानता और न्याय की लड़ाई में एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। लेकिन हमे अभी और भी आगे जाना है अगर हम सबको एक सामान देखना चाहते हैं तो मुझे पूरा यकीन है कि हम, एक समाज के रूप में, अपनी कम्युनिटीज से रेसिस्म को पूरी तरह से निकाल कर एक ऐसी सोसाइटी बना सकते हैं जहाँ सब एक समान हैं।

सभी का जीवन मायने रखता है

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