जब रेड वुल्फ से मिली, वो भी ऑनलाइन!

By: Himani Bakhda

अपने बचपन में आपने लिटिल रेड राइडिंग हूड की कहानी तो सुनी ही होगी, जिसका बुरे भेड़िये ने पीछा किया था? अब उसका 2020 रूप पढ़े वो भी एक टीनबुक ट्विस्ट के साथ!

जब रेड वुल्फ से मिली, वो भी ऑनलाइन

खुद से 

एक बार एक डरपोक और शर्मीली टीनएज लड़की थी, उसका नाम लिटिल रेड राइडिंग हुड था। स्कूल में वह हमेशा क्लास के एक कोने में बैठी रहती थी। वह बार-बार पार्क में अन्य लड़कियों को खेलते हुए देखती तो यही सोचती थी कि काश उसके पास भी कोई होता जो उससे बात करता और उसके साथ खेलता।

एक दिन उसने अपनी बड़ी बहन को लैपटॉप पर किसी के साथ बातें करते देखा। उसने उनके पास जाकर उनसे पूछा, “तुम लैपटॉप पर क्या कर रही हो?

“यह फ्रेंडबुक है। तुम इस एप्प पर प्रोफाइल बनाकर उन लोगों को दोस्त बना सकती हो, जिन्हें तुम जानती हो, या ऐसे लोग जिनसे तुम्हारी पसंद बहुत मिलती हो।”

“ठीक है, चलो तुम अपने दोस्तों से बात करो, मैं जाती हूँ नानी के घर। "

"बाए रेड!"

नए दोस्त 

अपने नानी के घर के रास्ते में, रेड फ्रेंडबुक के बारे में सोचती रही। वो सोच रही थी कि बिना किसी से मिले उनको दोस्त बनाना कितना आसान होता होगा। शाम को जब वह वापस घर लौटी, तो उसने अपने कमरे में जाकर सबसे पहले अपना लैपटॉप खोला।

उसने फ्रेंडबुक पर एक अकाउंट बनाया। उसमे अपना नाम, उम्र, ईमेल पता और अपनी रुचियां जैसे डिटेल्स भरे। उसने अपनी फैमिली ट्रिप से अपनी एक फोटो भी प्रोफाइल में डाली। वह अपने नए खाते को लेकर बहुत उत्साहित थीं।

अगले दिन उसने जैक वुल्फ नाम के एक लड़के से फ्रेंड रिक्वेस्ट देखी। रेड ने उसकी फ्रेंडबुक बायो पढ़ी, वह उसकी उम्र का था, उसके बगल वाले स्कूल में ही जाता था और उनकी पसंद भी काफी मिलती जुलती थी। लेकिन उसकी कोई प्रोफाइल पिक्चर नहीं थी, सिर्फ एक भेड़िये का आइकन था। और क्योंकि उसके नाम में भी वुल्फ था ये रेड को काफी मज़ेदार लगा और उसने उसकी रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली।

जल्द ही उनकी बात रोज़ शाम को होने लगी। वह उससे कई सवाल पूछता था, जैसे

"तुम्हारा दिन कैसा रहा रेड?"

"अच्छा था, और तुम्हारा कैसा था?" रेड ने पूछा।

"तुमसे बात करके मेरा दिन अच्छा हो जाता है," जैक ने कहा।

रेड ने थोड़ा शरमाते हुए जवाब दिया," ओह तुम बहुत स्वीट हो जैक!"

"तो मुझे बताओ कि तुम दिन भर क्या करते हो," जैक ने पूछा।

"मैं सुबह स्कूल जाती हूँ , दोपहर में ट्यूशन और कभी-कभी शाम को अपनी नानी से मिलने," रेड ने कहा।

“ओह, तुम्हारा स्कूल कहाँ है? तुम किस कोचिंग में जाती हो? तुम्हारी नानी कहाँ रहती है?” जैक ने उसपर सवालों की बारिश कर दी।

"तुम बहुत सारे सवाल पूछते हो", रेड ने हँसते हुए कहा।

बहुत सारे सवाल

वे रोजाना बात करते थे। वह उससे कई सवाल पूछता था, जैसे  उसके परिवार में कितने लोग हैं? क्या उसका कोई भाई या बहन है?? और कभी-कभी वह पर्सनल सवाल भी पूछता था - जैसे क्या उसको अपनी क्लास का कोई लड़का पसंद है? या वो कब कहाँ पर है?

रेड बिना किसी हिचकिचाहट के उनके सभी सवालों का जवाब दे देती। आखिर वो उसका पहला दोस्त था! हालाँकि, जब वो वही बातें उससे पूछने की कोशिश करती, तो वह बात पलट देता था।

एक दिन उसने उससे पूछा कि क्या वह उससे मिलना चाहेगी। रेड ने नेर्वस हो कर हाँ कहा। जैक ने उसे पास के एक कैफेटेरिया में स्कूल के बाद उसका इंतजार करने के लिए कहा। रेड काफी एक्साइटेड थी। वह क्लास खत्म होने का इंतज़ार कर रही थी जिससे वो जल्दी से जैक से मिल पाए। लेकिन स्कूल के बाद जब वह कैफ़े गई, उसे अपनी उम्र का कोई भी लड़का वहाँ नहीं दिखा।

झटका

अचानक लगभग चालीस साल की उम्र के एक व्यक्ति ने उसको बुलाया, “रेड! रेड! यहाँ, आओ बैठो।”

"तुम कौन हो?"

"मैं जैक हूँ, तुम्हारा दोस्त।"

"नहीं, तुम नहीं, वह मेरी तरह पंद्रह साल का है।"

“ओह रेड, उम्र से क्या फर्क पड़ता है? और हमने फ्रेंडबुक पर भी तो कितनी सारी बाते करी।”

रेड ने घबरा कर इधर उधर देखा, दोपहर में कैफे सुनसान था। बूढ़ा उसे ऐसे देख रहा था जैसे भेड़िया धूर्तता से अपने शिकार को देखता है।

"मेरे साथ चलो, हम कहीं और चलते हैं, शहर में कहीं भी, जहाँ तुम चाहो। बस तुम और मैं।"

बहन ने बचाया 

रेड अब डर गयी और उसकी आँखों में आँसू आ गए। अचानक उसने अपनी बड़ी बहन को कैफ़े में आते देखा। उसने उसका हाथ पकड़ कर उसे खींचा और 

उस आदमी से चिल्ला कर कहा, "अगर तुम उससे दोबारा संपर्क करने की कोशिश करोगे, तो मैं पुलिस को सूचना दे दूँगी!"

जब वे घर पहुँचे, तो रेड ने उससे पूछा, "तुम्हें कैसे पता चला कि मैं कहाँ थी?"

"जब तुम समय पर घर नहीं पहुँची, तो मैं चिंतित हो गया, मैंने फ्रेंड्सबुक पर तुम्हारी चैट देखी तो मैं समझ गई तुम कहाँ होगी। तुम्हे ध्यान रखना चाहिए रेड। ”

"मुझे माफ़ कर दो!" रेड रो पड़ी।

“रेड तुम्हे सोशल मीडिया पर हमेशा सावधान रहना चाहिए। तुम्हे कभी भी अपनी पर्सनल जानकारी किसी से शेयर नहीं करनी चाहिए, खासकर जब तुम उनके बारे में ज़्यादा नहीं जानते हो। और अगर तुम कभी असुरक्षित महसूस करती हो या किसी परेशानी में हो तो मुझे बताओ या मम्मा पापा को, लेकिन कभी भी हमसे कुछ छुपाओ मत।"

"हाँ मै समझ गई दी, मैं वादा करती हूँ अबसे सावधान रहूँगी और अपना ध्यान रखूंगी।"

"अब रोना बंद करो, आओ हम लंच करें।"

उसने अपनी बहन को गले लगाया और फिर वे टेबल पर लंच के लिए बैठे।

बहन ने बचाया

क्या आप हमारे लिए #TwistInTheTale लिखना चाहते हैं? अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में भेजें! याद रखें, कोई भी व्यक्तिगत जानकारी कमेंट बॉक्स में न डालें।

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0