‘द सोशल डाइलेमा’ पर एक नज़र

By: Shreya Mishra

क्या आपने नेटफ्लिक्स पर नई डॉक्यूमेंट्री फिल्म - "द सोशल डाइलेमा" देखी हैं? अगर आप किसी भी रूप में सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं, तो ये डॉक्यूमेंटरी आपकी आंखे खोल देगी । श्रेया ने इसे देखने के बाद अपनी दुविधा शेयर की !

द सोशल डाइलेमा’ पर एक नज़र

सबसे पहले तो टाइटल ने ही बहुत कुछ कह दिया है। फिल्म हमें सोशल मीडिया की दुनिया का वो पहलू दिखाती है जो अब तक हमारे लिए अनदेखा और अनजाना था। हाँ, सोशल मीडिया अपने आप में जादुई है, लेकिन इसका हमारे ऊपर एक कंट्रोल है जो अनजाने में हमने ही इसे दिया है।

सच कहूँ तो मूवी शुरू करते समय मुझे लगा था कि डॉक्यूमेंटरी के नाम पर ये सोशल मीडिया कम इस्तेमाल करने के लिए एक बड़ा सा लेक्चर होगा पर लेकिन इसने सच में मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया। जब मुझे ये पता चला कि सोशल मीडिया (जैसे कि यह जी-मेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब या यहाँ तक कि स्नैपचैट भी) यूज़ करते समय हम नहीं बल्कि स्क्रीन के उस तरफ के सुपर कंप्यूटर हमें कंट्रोल कर रहे होते हैं- हम तो बस पपेट्स ( कठपुतली) की तरह होते हैं।  यह सुन और देख कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए।

और यह वे लोग थे जिन्होंने वास्तव में विभिन्न सोशल मीडिया एप्लिकेशनस  के लिए काम किया है और इनके कोड को बनाने में मदद की थी। इसलिए यह सच है या नहीं, इसका तो सवाल ही नहीं उठता ।

हर एक चीज़ जो हम ऑनलाइन करते हैं, हर क्लिक, हर वीडियो जिसे हम देखते हैं, हर पोस्ट जो हमें पसंद आता है, रिकॉर्ड और ट्रैक किया जाता हैं।

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि जैसे ही आप कुछ लेने की सोचते हैं, वही चीज़ आपको हर जगह दिखने लगती है। ऐसा इसलिए क्योंकि वो सब जानते हैं। अगर कुछ ऑनलाइन है तो वो रिकॉर्ड पर है। सीधी बात नो बकवास! 

डॉक्यूमेंटरी में सोशल मीडिया के तरीकों के कुछ हिस्से देख कर तो जैसे मेरा मुँह खुला रह गया। और ये मुझे हमेशा याद रहेंगे। वो छोटी छोटी चीज़े जिनसे वो हमे अनजाने में ज़्यादा समय के लिए ऑनलाइन रखते हैं, जानकर आपके होश उड़ जाएँगे और सच कहूँ तो आप इम्प्रेस भी हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए, आप खुद ही सोचिये, जब आपके फ़ोन में एक फोटो में टैग होने का नोटिफिकेशन आता है, तो उसमे ही आपको फोटो भी क्यों नहीं दिख जाती? सोच में पड़ गए ना? 

क्योंकि अगर फोटो भी वही दिख गयी तो आप उस साइट पर जाकर अपना कीमती समय कैसे बिताएंगे। आखिर आपका समय उनके लिए बहुत कीमती है।

अंत में, विभिन्न सीईओ और कारोबारी लोग, पहले इन एप्लीकेशन से जुड़े भी हुए थे, के पास देने के लिए सिर्फ सलाह थी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नियंत्रण वापस लेने में मदद करने की सलाह।

ये रहे उनमे से कुछ ज़रूरी पॉइंट्स:

  • यूट्यूब सुझावों पर क्लिक न करें
  • सभी नोटिफिकेशन बंद रखें
  • उन अनावश्यक ऐप्स को हटा दें जिनका आप ज़्यादा उपयोग नहीं करते हैं
  • सोशल मीडिया देखने के लिए एक समय तय करे और सिर्फ उसी समय में उसे चलाएँ

सीधे शब्दों में, इसे सिर्फ और सिर्फ अपने एंटरटेनमेंट के लिए ही इस्तेमाल करें। इसका प्रभाव अपने जीवन पर ना पड़ने दे। वैसे भी सोशल मीडिया के पास बहुत पावर है, इसे और पावर न दें ;)

अगर आपको न्यूज़ सेक्शन में मज़ा आया हो तो हमें बताएँ। नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ शेयर करे। याद रखे कोई भी अपशब्द या अपनी पर्सनल जानकारी कमेंट बॉक्स में ना डालें।

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