कैंटीन में सुना

Just heard it in the canteen

दोस्तों से बात करने के लिए कैंटीन बढ़िया जगह है। हैं की नही? तो 'कैंटीन में सुना' में हम आपको देश भर की कैंटीन से गप-शप लाते हैं! आइए आप भी शामिल हो जाईये!

जब रूही ने मोनिका को स्कूल के प्रोजेक्ट के लिए एक फोटो भेजने के लिए कहा, तो वह संकोच कर रही थी। वो अपनी फोटो सबसे अच्छे फ़िल्टर लगाके...

'मुझे फ़िल्टर की लत है!'

लड़कों को लड़कियों से अलग क्यों माना जाता है? लड़कियों को घर का सारा काम क्यों करना पड़ता है और साथ ही रात को अकेले बहार जाने की अनुमति...

सिर्फ लड़के ही मज़े क्यों करे?

मम्मी-पापा का डाइवोर्स होने वाला हैं और लग रहा है जीवन हमेशा के लिए बदलने वाला है? टीनबुक का यह आर्टिकल पड़ें।

‘मेरे मम्मी-पापा अलग हो रहे हैं’

क्या आपको किसी ने गलत तरीके से हाथ लगाया है या आप उनके छूने से अच्छा फील नहीं कर रहे हैं? किसको बताएं? क्या आपका कोई विश्वास करेगा?...

'अगर मेरी बात पर किसी ने विश्वास न किया तो?'

टीम वर्क क्यों ज़रूरी हैं? एक अच्छी टीम कैसे बनती हैं?

'लेकिन हम बहुत अलग हैं!'

क्या आप खुश नहीं हैं कि आप कैसे दिखते हैं और सोचते हैं कि खाना स्किप करे के अच्छे दिखने लगेंगे ? खुद को भूखा रखना एक बुरी आदत है।...

'मैं उस जैसी क्यों नहीं दिखती!'

क्या आप भी स्कूल के सब से लोकप्रिय ग्रुप का हिस्सा बनना चाहते हैं? क्या ऐसा सोचना ठीक है? टीनबुक का यह आर्टिकल पड़ें।

‘मैं पॉपुलर बनना चाहता हूं’

रिद्धिमा अपने सहपाठी विहान के बारे में अपने दोस्तों को बताती है जिसने कई विषयों में फेल होने के बाद खुद को चोट पहुंचाने की कोशिश की।

'काश उसने हमसे बात की होती'

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